बीकानेर, 09 नवंबर 2025 |
बीकानेर के सदर थाने में दर्ज एक नई एफआईआर ने नवविवाहिता रहमत की मौत को आत्महत्या से हत्या का नया मोड़ दे दिया है। मृतका की मां बिल्किस बानो ने ससुराल पक्ष पर सुनियोजित हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि “यह फांसी नहीं, बल्कि हत्या को छिपाने की साजिश है”। एफआईआर में पुलिस कनेक्शन का भी जिक्र किया गया है, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मुकदमा दर्ज कर सीओ सिटी अनुष्ठा कालिया को जांच सौंपी गई है। TharToday.com ने एफआईआर की कॉपी देखी है, जिसमें मारपीट, रुपये की मांग, धमकियां और पुलिस संरक्षण के विस्तृत आरोप हैं।
शादी के 2 महीने बाद मौत: आखिरी कॉल में रोते हुए कहा – “मां, मुझे और बेटे को मार डालेंगे”
- निकाह: 29 अगस्त 2025 को रहमत का निकाह भुट्टा का बास निवासी राशीद उर्फ लाला भुट्टा से हुआ।
- पहली पत्नी नगीना भी उसी घर में रहती थी।
- शादी के तुरंत बादराशीद, नगीना, खालिद, सोनू और अन्य परिजनों ने मानसिक-शारीरिक यातनाएं शुरू कर दीं।
- रोज की बात: रुपये की मांग, मारपीट, धमकियां।
आखिरी फोन कॉल: 2 नवंबर 2025 की मध्यरात्रि को रहमत ने मां को रोते हुए फोन किया:
“मां, वे मुझे और बेटे को मार डालेंगे। जान का खतरा है।”
अगले दिन 3 नवंबर को खबर आई कि रहमत ने घर में फांसी लगा ली।
शव पर चोटों के निशान: “आत्महत्या नहीं, हत्या का बहाना”
बिल्किस बानो पीबीएम अस्पताल पहुंचीं तो शव मोर्चरी में था। उन्होंने देखा:
- सिर, कंधे और शरीर पर गहरी चोटें
- मुंह-नाक से खून बह रहा था
- पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी ये चोटें दर्ज हैं
बिल्किस ने कहा:
“ये चोटें आत्महत्या से नहीं लग सकतीं। ससुराल वालों ने मिलकर मार डाला और फांसी का बहाना बनाया।”
पुलिस कनेक्शन का गंभीर आरोप: “घर मालिक है ASI अशोक अदलान”
एफआईआर में पुलिस संरक्षण का सनसनीखेज दावा:
- घटना वाला मकानपुलिस सहायक उपनिरीक्षक (ASI) अशोक अदलान का है, जिसे राशीद ने किराए पर लिया था।
- बिल्किस का आरोप: “ASI की वजह से आरोपियों को पुलिस छापों की पहले ही भनक लग जाती है।”
- इसलिए जांच निष्पक्ष नहीं हो पा रही।
आरोपियों का आपराधिक इतिहास:
- राशीद और उसके भाइयों पर हत्या, ड्रग्स, अवैध हथियार के पहले से मुकदमे दर्ज हैं।
- फिर भी हर बार बच निकलते हैं।
खुलेआम धमकियां: “पुलिस गए तो तुम्हारा भी यही अंजाम”
बिल्किस ने बताया:
- ससुराल वाले फोन पर धमकी देते हैं:“पुलिस गए तो तुम्हारा भी यही अंजाम होगा। हम गोलियाँ मारवा देंगे।”
- परिवार डर के साये में जी रहा है।
- बिल्किस बोलीं: “हम न्याय चाहते हैं, लेकिन डर से जी नहीं पा रहे।”
पुलिस कार्रवाई: मुकदमा दर्ज, जांच सीओ सिटी को
- 3 नवंबर को मर्ग दर्ज हुई थी।
- बिल्किस की शिकायत पर नया मुकदमा दर्ज।
- धारा: हत्या (302), साजिश (120B), दहेज प्रताड़ना (498A) आदि।
- जांच: सीओ सिटी अनुष्ठा कालिया को सौंपी गई।
- पुलिस का बयान: “सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। कोई भी दोषी बचेगा नहीं।”
परिवार की मांग: निष्पक्ष जांच और सुरक्षा
- बिल्किस बानो ने मुख्यमंत्री से अपील की:“मेरी बेटी को न्याय दो। पुलिस कनेक्शन की जांच हो। हमें सुरक्षा दो।”
- परिवार को पुलिस सुरक्षा दी गई है।
TharToday.com एक्सक्लूसिव: यह मामला दहेज हत्या, पुलिस संरक्षण और न्याय की लड़ाई का प्रतीक बनता जा रहा है। क्या सच सामने आएगा? TharToday.com हर अपडेट आपके लिए लाएगा।
