राजस्थान की सियासत में हलचल: कांग्रेस विधायक ने की वसुंधरा राजे की तारीफ, कहा- ‘वो मेरी गुरु, उनसे सीखा सब कुछ’

जयपुर | राजस्थान की राजनीति में उस समय एक नया मोड़ आया जब कांग्रेस के एक प्रमुख विधायक ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की खुले मंच पर तारीफ की। बारां जिले के किशनगंज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक नानालाल निनामा ने एक सामाजिक कार्यक्रम में वसुंधरा राजे को अपनी “गुरु” बताते हुए कहा कि उन्होंने जो कुछ भी सीखा है, वह राजे के मार्गदर्शन और उनके कार्यों से प्रेरित होकर सीखा है। इस बयान ने राजस्थान की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है, क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के किसी नेता ने राजे की प्रशंसा की हो। यह खबर न केवल राजनीतिक गलियारों में, बल्कि आम जनता के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
क्या हुआ घटनाक्रम?
हाल ही में बारां जिले के एक सामाजिक कार्यक्रम में, किशनगंज से कांग्रेस विधायक नानालाल निनामा ने वसुंधरा राजे की उपस्थिति में उनके काम की सराहना की। निनामा ने कहा, “वसुंधरा जी मेरी गुरु हैं। मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है, खासकर जनसेवा और विकास के लिए समर्पण। उनके नेतृत्व में राजस्थान ने कई क्षेत्रों में प्रगति की, और मैं उनके काम से प्रेरित हूं।” यह बयान उस समय आया जब वसुंधरा राजे अपनी मजबूत पकड़ वाले झालावाड़-बारां क्षेत्र में एक सामुदायिक कार्यक्रम में हिस्सा ले रही थीं। निनामा का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे आदिवासी समुदाय से आते हैं और किशनगंज क्षेत्र में उनकी मजबूत जनाधार है।


वसुंधरा राजे का प्रभाव और पृष्ठभूमि

वसुंधरा राजे, जो 2003-2008 और 2013-2018 तक राजस्थान की मुख्यमंत्री रह चुकी हैं, बीजेपी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्य की सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं। उनके नेतृत्व में राजस्थान में कई विकास परियोजनाएं शुरू हुईं, जैसे भामाशाह योजना, स्कूल शिक्षा में सुधार, और जल संकट से निपटने के लिए कई योजनाएं। खासकर झालावाड़-बारां क्षेत्र में उनका प्रभाव आज भी कायम है। राजे ने हमेशा विभिन्न समुदायों को जोड़ने और समावेशी विकास पर जोर दिया है, जिसका असर आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखा जाता है।
क्यों आई यह तारीफ?
निनामा का यह बयान कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
स्थानीय प्रभाव: किशनगंज और झालावाड़-बारां क्षेत्र में वसुंधरा राजे की गहरी पैठ है। उनके कार्यकाल में इस क्षेत्र में सड़क, शिक्षा, और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार हुआ, जिसका लाभ आज भी स्थानीय लोग उठा रहे हैं। निनामा का बयान इस बात को दर्शाता है कि राजे का प्रभाव विपक्षी दलों के नेताओं पर भी है।
आदिवासी समुदाय से जुड़ाव: निनामा स्वयं आदिवासी समुदाय से हैं, और राजे ने अपने कार्यकाल में आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए कई कदम उठाए थे। यह तारीफ उनके इस योगदान को स्वीकार करने का एक तरीका हो सकता है।
राजनीतिक संदेश: कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी और बीजेपी में राजे की स्थिति को मजबूत करने का एक संदेश हो सकता है। राजे को हाल के वर्षों में बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा कथित तौर पर दरकिनार किया गया है, और ऐसे में विपक्षी नेता की तारीफ उनके लिए एक नैतिक जीत है।
पहले भी हो चुकी है तारीफ
यह पहली बार नहीं है जब राजस्थान में कांग्रेस नेताओं ने वसुंधरा राजे की प्रशंसा की हो। 2023 में, बाड़मेर से कांग्रेस विधायक मेवाराम जैन ने एक कार्यक्रम में राजे के चरण स्पर्श किए और उनकी तारीफ की थी। इसके अलावा, 2020 में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया था कि राजे ने उनकी सरकार को 2020 के राजनीतिक संकट के दौरान बचाने में मदद की थी। हालांकि, राजे ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे “षड्यंत्र” करार दिया था। ये घटनाएं दर्शाती हैं कि राजे की लोकप्रियता और प्रभाव विपक्षी खेमे में भी है।

राजनीतिक हलचल और संभावित प्रभाव
निनामा के इस बयान ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है:
बीजेपी में राजे की स्थिति: वसुंधरा राजे को 2023 के विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बनाया गया था, और इसके बजाय पहली बार विधायक बने भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री चुना गया। निनामा का बयान राजे के समर्थकों के लिए एक ताकत का संदेश हो सकता है, जो मानते हैं कि उन्हें पार्टी में उचित सम्मान नहीं मिल रहा।
कांग्रेस के भीतर हलचल: कांग्रेस के कुछ नेताओं का मानना है कि निनामा का बयान पार्टी की एकता पर सवाल उठा सकता है। बारां क्षेत्र में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला रहा है, और इस तरह के बयान विपक्षी एकता को कमजोर कर सकते हैं।
आगामी उपचुनाव: राजस्थान में पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं, और इस बयान का असर उन सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस की रणनीति पर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
किशनगंज और बारां के स्थानीय लोगों ने निनामा के बयान को सकारात्मक रूप से लिया है। एक स्थानीय निवासी, रमेशचंद्र मीणा, ने कहा, “वसुंधरा जी ने हमारे क्षेत्र में बहुत काम किया। स्कूल, सड़कें, और पानी की व्यवस्था में सुधार हुआ। निनामा जी ने जो कहा, वह सही है।” वहीं, कुछ कांग्रेस समर्थकों ने इसे “राजनीतिक चाल” करार दिया, जिसका मकसद क्षेत्र में बीजेपी को मजबूत करना हो सकता है।
आगे की राह
यह बयान राजस्थान की सियासत में वसुंधरा राजे की प्रासंगिकता को फिर से रेखांकित करता है। उनकी लोकप्रियता और कार्यों का प्रभाव विपक्षी नेताओं को भी स्वीकार करना पड़ रहा है। हालांकि, बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व और राजे के बीच तनाव की खबरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। यह बयान राजे के लिए एक नई शुरुआत हो सकता है, खासकर जब वह अपने गृह क्षेत्र झालावाड़-बारां में सक्रिय हैं।
उम्मीदवारों और जनता के लिए यह बयान एक संदेश है कि राजनीति में व्यक्तिगत सम्मान और कार्यों की सराहना पार्टी लाइनों से परे हो सकती है। निनामा के इस बयान के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों इस स्थिति का उपयोग अपनी रणनीति में कैसे करते हैं।

लेखक: TharToday.com

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