बीकानेर : पढ़ाई के सपने लेकर रूस पहुंचे बीकानेर के युवा अजय गोदारा यूक्रेन युद्ध की भेंट चढ़ गए। लूणकरणसर तहसील के अरजनसर गांव के निवासी अजय की रूसी सेना की ओर से लड़ते हुए मौत हो गई। उनका शव बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, फिर परिवार वाले बीकानेर लाए। यह मामला कई भारतीय छात्रों के साथ धोखाधड़ी का पर्दाफाश करता है।
नौकरी का लालच देकर भर्ती, ट्रेनिंग के बिना मोर्चे पर
पिछले साल 28 दिसंबर 2024 को अजय रूस पढ़ने गए थे। वहां एजेंटों ने नौकरी का झांसा देकर उन्हें रूसी सेना में शामिल कर लिया। कॉन्ट्रैक्ट में तीन महीने की ट्रेनिंग का वादा था, लेकिन बिना किसी तैयारी के अजय समेत कई भारतीयों को यूक्रेन के खतरनाक मोर्चे पर धकेल दिया गया। परिवार बताता है कि अजय को जबरन हथियार थमा दिए गए।
वायरल वीडियो में लगाई मदद की गुहार
चार महीने पहले परिवार से आखिरी बातचीत में अजय ने बताया कि उन्हें रूस की तरफ से यूक्रेन जंग में लड़ने भेजा जा रहा है। इसके बाद उनके दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। पहले वीडियो में अजय चीखे, “हमें जबरदस्ती जंग में ढकेल दिया। ये हमारा आखिरी वीडियो हो सकता है।” दूसरे में उन्होंने कहा कि यूक्रेन की मिसाइल-ड्रोन हमले में एक साथी मारा गया, दो भाग निकले और वह खुद भटक गए। अजय ने कई अन्य भारतीयों के भी धोखे से भर्ती होने का जिक्र किया।
परिवार की सरकारी दौड़धूप, आखिर शव मिला
वीडियो वायरल होने पर परिवार ने चुप्पी तोड़ी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से मुलाकात की और अजय को सुरक्षित लाने की गुहार लगाई। लंबी मशक्कत के बाद बुधवार को उनका शव रूस से दिल्ली पहुंचा। अब बीकानेर में अंतिम संस्कार की तैयारी है।
