जयपुर: राजस्थान की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में एक बड़े बदलाव की तैयारी है। भजनलाल सरकार ने राशन वितरण को हाईटेक करते हुए प्रदेश के तीन प्रमुख जिलों में ‘ग्रेन एटीएम’ (Grain ATM) शुरू करने का फैसला किया है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत अब लाभार्थियों को गेहूं लेने के लिए राशन डीलर का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि वे एटीएम की तरह जब चाहें अपना अनाज निकाल सकेंगे।
इन तीन जिलों में शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि शुरुआती चरण में यह प्रोजेक्ट जयपुर, बीकानेर और भरतपुर में लागू किया जाएगा। सरकार की योजना इन मशीनों को घनी आबादी वाले क्षेत्रों, सामुदायिक केंद्रों या एफसीआई गोदामों के पास लगाने की है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
कैसे काम करेगा ‘ग्रेन एटीएम’? यह मशीन बिल्कुल बैंक एटीएम की तर्ज पर काम करती है। इसे ‘अन्नपूर्ति’ (Annapurti) नाम दिया गया है।
- बायोमेट्रिक पहचान: लाभार्थी को मशीन की स्क्रीन पर अपना आधार या राशन कार्ड नंबर दर्ज कर अंगूठा (बायोमेट्रिक) लगाना होगा।
- तुरंत नपतोल: पहचान सत्यापित होते ही मशीन से निर्धारित मात्रा में (जैसे 5 या 10 किलो) गेहूं एक थैले में बाहर आ जाएगा।
- 100% पारदर्शिता: चूंकि मशीन स्वचालित है, इसलिए ‘घटोली’ (कम तोलने) की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
मजदूरों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे बड़ी राहत इस योजना का सबसे बड़ा पहलू ’24 घंटे उपलब्धता’ है। अभी राशन की दुकानें एक निश्चित समय पर खुलती हैं, जिससे दिहाड़ी मजदूरों को राशन लेने के लिए अपने काम से छुट्टी लेनी पड़ती है। ग्रेन एटीएम के शुरू होने से वे काम से लौटने के बाद देर रात या सुबह जल्दी भी अपना राशन ले सकेंगे।
54 लाख लोगों ने छोड़ी सब्सिडी, 73 लाख नए जुड़े मंत्री सुमित गोदारा ने विभाग की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि ‘गिव अप’ (Give-Up) अभियान के तहत प्रदेश में 54.36 लाख से अधिक संपन्न लोगों ने स्वेच्छा से सरकारी गेहूं लेना छोड़ दिया है। इसके बाद हुए सत्यापन में करीब 73 लाख नए और वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा सूची (NFSA) से जोड़ा गया है।
