बीकानेर |
बीकानेर | पश्चिमी राजस्थान, विशेषकर बीकानेर संभाग में मौसम ने आज (शुक्रवार) एक बड़ा पलटा खाया है। बसंत पंचमी के पर्व पर जहाँ एक तरफ ‘मावठ’ (सर्दी की बारिश) फसलों के लिए अमृत बनकर बरस रही है, वहीं दूसरी तरफ तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी ने किसानों की सांसे थाम दी हैं।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और अनूपगढ़ जिलों में आज आसमान बादलों से अटा पड़ा है और कई स्थानों पर तेज गर्जना के साथ बारिश का दौर शुरू हो चुका है।
मौसम विभाग (IMD) और स्काईमेट की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, बीकानेर संभाग फिलहाल एक मजबूत वेदर सिस्टम की चपेट में है।
रबी की फसलों, विशेषकर गेहूँ और चना (Gram) के लिए यह बारिश ‘सोना’ मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारानी (असिंचित) इलाकों में यह पानी फसलों में जान डाल देगा। लेकिन, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ बेल्ट में जहाँ सरसों (Mustard) की फसल पकने की अवस्था (Flowering/Pod stage) में है, वहाँ ओलावृष्टि और तेज हवाएं भारी नुकसान पहुँचा सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जलभराव न होने दें।[]
इस बारिश के बाद बीकानेर संभाग के लोगों को हाड़ कंपाने वाली ठंड के लिए तैयार रहना होगा।
मौसम का यह खेल यहीं खत्म नहीं होगा। मौसम विभाग के अनुसार, 26 से 28 जनवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका मतलब है कि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के आसपास बीकानेर संभाग में फिर से बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है, जो ठंड को जनवरी के अंत तक बरकरार रखेगा।
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