बीकानेर संभाग में ‘मावठ’ का डबल अटैक: गंगानगर-हनुमानगढ़ में ओलावृष्टि का अलर्ट, अब कोहरे और शीतलहर की बारी

बीकानेर |

बीकानेर | पश्चिमी राजस्थान, विशेषकर बीकानेर संभाग में मौसम ने आज (शुक्रवार) एक बड़ा पलटा खाया है। बसंत पंचमी के पर्व पर जहाँ एक तरफ ‘मावठ’ (सर्दी की बारिश) फसलों के लिए अमृत बनकर बरस रही है, वहीं दूसरी तरफ तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी ने किसानों की सांसे थाम दी हैं।

पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और अनूपगढ़ जिलों में आज आसमान बादलों से अटा पड़ा है और कई स्थानों पर तेज गर्जना के साथ बारिश का दौर शुरू हो चुका है।

आज (23 जनवरी) का ‘वेदर बुलेटिन’: कहाँ क्या हाल?

मौसम विभाग (IMD) और स्काईमेट की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, बीकानेर संभाग फिलहाल एक मजबूत वेदर सिस्टम की चपेट में है।

  • श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ (ऑरेंज अलर्ट): इन दोनों जिलों में मौसम सबसे ज्यादा खराब रहने का अनुमान है। यहाँ मेघगर्जन के साथ मध्यम बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) की प्रबल संभावना है। 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं (Squall) सरसों की फसल को नुकसान पहुँचा सकती हैं।[]
  • बीकानेर और अनूपगढ़: बीकानेर जिले में सुबह से ही सर्द हवाएं चल रही हैं। कोलायत, लूणकरणसर और खाजूवाला बेल्ट में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं। अनूपगढ़ में भी आज (23 जनवरी) दिन भर बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। यहाँ का अधिकतम तापमान गिरकर 16-18 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमट गया है।
  • चूरू: ‘राजस्थान के कश्मीर’ कहे जाने वाले चूरू में भी आज ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है। यहाँ शीतलहर का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

किसानों के लिए: ‘सोना’ बरसा, लेकिन ओलों का डर

रबी की फसलों, विशेषकर गेहूँ और चना (Gram) के लिए यह बारिश ‘सोना’ मानी जा रही है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारानी (असिंचित) इलाकों में यह पानी फसलों में जान डाल देगा। लेकिन, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ बेल्ट में जहाँ सरसों (Mustard) की फसल पकने की अवस्था (Flowering/Pod stage) में है, वहाँ ओलावृष्टि और तेज हवाएं भारी नुकसान पहुँचा सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में जलभराव न होने दें।[]

अगले 48 घंटे: घना कोहरा और कड़ाके की ठंड (Cold Wave)

इस बारिश के बाद बीकानेर संभाग के लोगों को हाड़ कंपाने वाली ठंड के लिए तैयार रहना होगा।

  1. घना कोहरा (Dense Fog): 24 और 25 जनवरी को बीकानेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में ‘घने से अति घना कोहरा’ छाने की चेतावनी जारी की गई है। दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह सकती है, जिससे हाइवे पर यातायात प्रभावित होगा।
  2. पारा गिरेगा: जैसे ही यह सिस्टम आगे बढ़ेगा, 24 जनवरी की रात से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की जाएगी। बीकानेर और चूरू में रात का पारा 4-5 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है।

आगे क्या? (26-28 जनवरी का पूर्वानुमान)

मौसम का यह खेल यहीं खत्म नहीं होगा। मौसम विभाग के अनुसार, 26 से 28 जनवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसका मतलब है कि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के आसपास बीकानेर संभाग में फिर से बारिश का एक और दौर देखने को मिल सकता है, जो ठंड को जनवरी के अंत तक बरकरार रखेगा।

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