मुकलेरा (बीकानेर) — कस्बे के कलकल मुकलेरा की रोही में गुरुवार को एक हिरण का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। शव पर गोली के निशान दिखाई देने से वन्यजीव शिकार की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और सामाजिक संस्था टाइगर फोर्स की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मामले की असलियत सामने आएगी।
स्थानीय ग्रामीण ओमप्रकाश मेघवाल ने सुबह रोही क्षेत्र में हिरण का शव पड़ा देखा और तत्काल सामाजिक संस्था टाइगर फोर्स को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही टाइगर फोर्स के प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और प्रारंभिक जांच की।
महिपाल सिंह ने बताया, “रोही में एक हिरण का शव पड़ा मिला, जिसके पेट पर गोली लगने जैसा निशान स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था। प्रथम दृष्टया यह अवैध शिकार का मामला लग रहा है, लेकिन पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही हो सकेगी।”
सूचना के बाद वन विभाग की टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। वन अमले ने स्थानीय ग्रामीण राकेश मूंड और हनुमान सियाग की सहायता से हिरण के शव को कब्जे में लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए शव को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया गया।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि शव की बाहरी जांच में संदेह के संकेत मिले हैं। “अगर पोस्टमार्टम में गोली या अन्य किसी हथियार से शिकार की पुष्टि होती है, तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी,” उन्होंने कहा।
इस घटना से क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्थान में हिरण राज्य पशु चिंकारा की प्रजाति से जुड़ा संरक्षित वन्यजीव है और इसका शिकार गंभीर अपराध है। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन पर कड़ी कार्रवाई हो।
टाइगर फोर्स के सदस्यों ने भी वन विभाग से अपील की है कि इस मामले में गहन जांच की जाए और यदि यह अवैध शिकार साबित होता है, तो शिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएं।
वन विभाग के अनुसार, हिरण के शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हो जाएगा कि हिरण की मौत गोली लगने से हुई है या किसी अन्य कारण से। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की जांच की दिशा तय होगी।
यदि गोली से शिकार की पुष्टि होती है, तो यह मामला वन्यजीव अपराध के तहत दर्ज किया जाएगा और संदिग्धों की तलाश शुरू की जाएगी। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत हिरण के शिकार पर 3 से 7 साल तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है।
मामले में आगे की जानकारी का इंतजार है।
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