India-EU Trade Deal आखिरकार 18 वर्षों के लंबे इंतजार और कूटनीतिक वार्ताओं के बाद हकीकत बन गई है। 27 जनवरी 2026 को भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने जिस मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए, उसे “सभी समझौतों की जननी” (Mother of all Deals) कहा जा रहा है । यह India-EU Trade Deal न केवल दो विशाल अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ती है, बल्कि 2 अरब लोगों के बाजार के लिए नए दरवाजे भी खोलती है ।
इस ऐतिहासिक समझौते के तहत सबसे बड़ी खबरों में यूरोपीय लक्जरी कारों पर आयात शुल्क को 110% से घटाकर 10% करना और प्रीमियम शराब पर टैक्स में भारी कटौती शामिल है । आइये, इस India-EU Trade Deal का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
India-EU Trade Deal का ऐतिहासिक महत्व
भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंध हमेशा से महत्वपूर्ण रहे हैं, लेकिन टैरिफ और नियमों की बाधाओं ने पूरी क्षमता को रोके रखा था। 2007 में शुरू हुई बातचीत 2013 में रुक गई थी, जिसे 2022 में फिर से शुरू किया गया । अब 2026 में फाइनल हुई यह India-EU Trade Deal आधुनिक इतिहास का सबसे महत्वाकांक्षी समझौता है।
- विशाल बाजार: यह समझौता दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (भारत) और एक प्रमुख आर्थिक ब्लॉक (EU) को जोड़ता है ।
- आर्थिक प्रभाव: उम्मीद है कि 2032 तक यूरोपीय संघ से भारत को होने वाला निर्यात दोगुना हो जाएगा। यूरोपीय कंपनियों को ड्यूटी (Duty) में सालाना €4 बिलियन (लगभग 36,000 करोड़ रुपये) की बचत होगी ।
ऑटोमोबाइल क्षेत्र: India-EU Trade Deal का सबसे बड़ा विजेता
इस समझौते में जिस मुद्दे पर सबकी नजर थी, वह है ऑटोमोबाइल सेक्टर। दशकों तक भारत ने अपनी घरेलू कार कंपनियों को बचाने के लिए विदेशी कारों पर भारी टैक्स लगाए रखा था। India-EU Trade Deal ने इस दीवार को गिरा दिया है, लेकिन एक सोची-समझी रणनीति के साथ।
लक्जरी कारों पर टैरिफ में भारी कटौती
समझौते के अनुसार, यूरोपीय कारों पर आयात शुल्क (Import Duty) को चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा:
- वर्तमान टैक्स: 110%
- नया टैक्स: 5-7 वर्षों में घटकर 10% हो जाएगा ।
- शर्तें: यह छूट मुख्य रूप से €15,000 (लगभग ₹16.5 लाख) से अधिक कीमत वाली कारों पर लागू होगी ।
इसका सीधा मतलब है कि मर्सिडीज-बेंज (Mercedes-Benz), बीएमडब्ल्यू (BMW), और ऑडी (Audi) जैसी गाड़ियां भारतीय ग्राहकों के लिए काफी सस्ती हो जाएंगी।
2 कोटा प्रणाली (Quota System)
घरेलू उद्योग को नुकसान से बचाने के लिए, India-EU Trade Deal में एक ‘कोटा’ तय किया गया है। हर साल 2,50,000 यूरोपीय वाहन रियायती दरों पर भारत आ सकेंगे । यह संख्या ब्रिटेन के साथ प्रस्तावित डील (37,000 कारें) की तुलना में 6 गुना अधिक है ।
3 इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) और भविष्य
भारत ने अपने इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को सुरक्षित रखने के लिए समझदारी दिखाई है। India-EU Trade Deal में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) के लिए शुल्क कटौती पर 5 साल का ‘पॉज़’ (Pause) रखा गया है। यानी 5 साल बाद ही उन पर टैक्स कम होगा, ताकि तब तक टाटा और महिंद्रा जैसी कंपनियां अपनी तकनीक मजबूत कर सकें ।
शराब और वाइन: प्रीमियम ब्रांड्स की कीमतें गिरेंगी
शराब के शौकीनों के लिए India-EU Trade Deal एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। आयातित शराब पर लगने वाले भारी-भरकम टैक्स को तर्कसंगत बनाया गया है।
| उत्पाद (Product) | पहले टैक्स | डील के बाद टैक्स | प्रभाव |
| प्रीमियम वाइन | 150% | 20% (धीरे-धीरे) | फ्रेंच और इटैलियन वाइन सस्ती होंगी । |
| मिड-रेंज वाइन | 150% | 30% | मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं की पहुंच बढ़ेगी । |
| स्पिरिट्स (व्हिस्की) | 150% | 40% | स्कॉच व्हिस्की और वोडका के दाम गिरेंगे । |
| बीयर (Beer) | 110% | 50% | जर्मन और बेल्जियन बीयर सस्ती होगी । |
हालांकि, भारतीय शराब उद्योग (CIABC) ने चिंता जताई थी कि इससे घरेलू बाजार पर असर पड़ सकता है, लेकिन 40% का टैक्स अभी भी उन्हें सुरक्षा प्रदान करता है ।
वस्तु व्यापार और सेवा क्षेत्र में बड़े बदलाव
India-EU Trade Deal केवल कारों और शराब तक सीमित नहीं है। यह समझौता 96.6% व्यापारित वस्तुओं (Goods) को शुल्क मुक्त (Duty-Free) बनाता है ।
1 इन चीजों के दाम भी होंगे कम
- मशीनरी: यूरोपीय मशीनरी पर लगने वाला 44% तक का टैक्स खत्म होगा, जिससे भारतीय फैक्ट्रियों की लागत कम होगी ।
- खाद्य पदार्थ: चॉकलेट, पास्ता, बिस्कुट और जैतून के तेल (Olive Oil) पर से शुल्क पूरी तरह हटा दिया जाएगा ।
- जेम्स और ज्वैलरी: भारतीय आभूषणों को यूरोप में जीरो ड्यूटी का लाभ मिलेगा ।
2 वीज़ा और पेशेवरों की आवाजाही (Mode 4)
सेवा क्षेत्र (Services) के लिए यह India-EU Trade Deal एक गेम-चेंजर है।
- 90 दिन का वीज़ा-मुक्त प्रवास: भारतीय आईटी पेशेवरों, इंजीनियरों और कंसल्टेंट्स को यूरोप में बिजनेस विजिट के लिए 90 दिनों तक बिना वीज़ा के रहने की सुविधा मिल सकती है ।
- योग्यताओं की मान्यता: भारतीय डिग्री (जैसे सीए, आर्किटेक्ट) को यूरोप में मान्यता देने के लिए बातचीत का रास्ता साफ हुआ है ।
भारत के लिए क्या हैं मायने?
संक्षेप में, यह India-EU Trade Deal भारत की “मेक इन इंडिया” पहल और वैश्विक एकीकरण के लिए एक मील का पत्थर है।
- उपभोक्ताओं के लिए: सस्ती लग्जरी कारें, सस्ती वाइन और चॉकलेट।
- उद्योग के लिए: सस्ती मशीनरी और यूरोप के विशाल बाजार तक शुल्क-मुक्त पहुंच।
- पेशेवरों के लिए: यूरोप में काम करने के आसान मौके।
18 साल की कड़ी मेहनत के बाद, India-EU Trade Deal ने साबित कर दिया है कि भारत अब दुनिया के साथ बराबरी की शर्तों पर व्यापार करने के लिए तैयार है। यह समझौता 2027 की शुरुआत तक लागू होने की उम्मीद है, जिसके बाद भारतीय बाजार का चेहरा पूरी तरह बदल सकता है ।
