जयपुर, 16 जनवरी 2026 | कल गुलाबी नगरी जयपुर का रंग ‘ओलिव ग्रीन’ हो गया। 78वें सेना दिवस पर भारतीय सेना ने न केवल अपनी ताकत दिखाई, बल्कि पहली बार एक ऐसे सीक्रेट मिशन का खुलासा किया, जिसने दुश्मन देशों की नींद उड़ा दी है। अगर आप कल जयपुर में नहीं थे, तो यहां पढ़िए वो सब कुछ जो आपको जानना चाहिए। यह रिपोर्ट आपके न्यूज़ पोर्टल के लिए तैयार है।
1. सबसे बड़ा खुलासा: क्या है ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
कल की परेड का सबसे चौंकाने वाला पल वह था जब सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) का नाट्य रूपांतरण किया। पहली बार देश को बताया गया कि मई 2025 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और PoK में घुसकर क्या किया था।
- फ्लैशबैक: मई 2025 में कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था।
- बदला: सेना ने खुलासा किया कि इसके जवाब में 7 से 10 मई 2025 के बीच एक गुप्त ऑपरेशन चलाया गया। इसमें भारतीय सेना ने सीमा पार जाकर 9 आतंकी लॉन्च पैड्स को तबाह कर दिया ।
- नया नॉर्मल: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने इसे भारत का ‘नया नॉर्मल’ बताया—यानी अब भारत आतंकी हमलों का जवाब केवल कड़ी निंदा से नहीं, बल्कि दुश्मन के घर में घुसकर देगा ।
2. मिलिए ‘भैरव’ से: सेना के नए ‘घोस्ट कमांडोज़’
परेड में पहली बार ‘भैरव बटालियन’ (Bhairav Battalion) दुनिया के सामने आई। इसे ‘घोस्ट कमांडो’ कहा जा रहा है क्योंकि ये रेगिस्तान की गर्मी हो या सियाचिन की ठंड, कहीं भी दुश्मन को भनक लगे बिना उसे खत्म कर सकते हैं ।
- खासियत: यह इन्फैंट्री और पैरा स्पेशल फोर्सेज के बीच की कड़ी है। ये हाई-टेक ड्रोन्स और नाइट विजन गैजेट्स से लैस हैं।
- तैनाती: इनकी पहली तैनाती उत्तरी कमान (लद्दाख-कश्मीर) में की गई है ।
3. जब 5 साल के बच्चे ने दी सलामी
सोशल मीडिया पर एक वीडियो आग की तरह वायरल हो रहा है। जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में ‘शौर्य संध्या’ के दौरान 5 साल का बच्चा हृदयांश पूरी फौजी वर्दी में पहुंचा। जब उसने अधिकारियों को कड़क सलामी दी, तो वहां मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और हजारों लोगों ने तालियां बजाईं। हृदयांश ने कहा, “मैं बड़ा होकर आर्मी ज्वाइन करूंगा।” यह पल कल के कार्यक्रम की सबसे भावुक तस्वीर बन गया ।
4. छावनी से बाहर पहली बार जन-सैलाब
इतिहास में पहली बार सेना दिवस परेड किसी छावनी के अंदर नहीं, बल्कि सार्वजनिक सड़क (महल रोड, जगतपुरा) पर हुई।
- भीड़: 1.5 लाख से ज्यादा लोग सड़क के दोनों ओर खड़े थे। छतों और बालकनियों पर तिल रखने की जगह नहीं थी ।
- नारे: जब टी-90 भीष्म टैंक और पिनाका मिसाइल सिस्टम सड़क से गुजरे, तो पूरा जयपुर ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा ।
5. आसमान में 1000 ड्रोनों का चमत्कार
शाम को एसएमएस स्टेडियम में 1000 ड्रोनों ने एक साथ उड़ान भरी। इन ड्रोनों ने हवा में नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महाराणा प्रताप और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की कहानी उकेरी। यह नजारा इतना भव्य था कि जयपुर की सड़कों पर ट्रैफिक थम गया और लोग अपनी गाड़ियां रोककर वीडियो बनाने लगे ।
निष्कर्ष:
जयपुर का यह कार्यक्रम सिर्फ एक परेड नहीं था, यह ‘न्यू इंडिया’ का शक्ति प्रदर्शन था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के खुलासे ने साफ कर दिया है कि भारत अब रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रक्षा (Offensive Defence) की नीति पर चल पड़ा है।
