बीकानेर में भारी बारिश: राहत के साथ चुनौतियाँ, जलभराव ने खोली प्रशासन की पोल

बीकानेर | बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में हाल ही में हुई झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन जलभराव और अपर्याप्त ड्रेनेज सिस्टम ने शहरवासियों के लिए कई समस्याएँ खड़ी कर दीं। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की सक्रियता और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीकानेर में भारी बारिश दर्ज की गई, खासकर महाजन और खाजूवाला में 10 अंगुल से अधिक बारिश ने खेतों को लबालब कर दिया।

बारिश का प्रभाव

  • जलभराव की मार: सूरसागर की दीवार टूटने, रेलवे स्टेशन के ट्रैक पर 2-3 फीट पानी जमा होने और जुनागढ़ किले, जिला कचहरी जैसे इलाकों में सड़कों के दरिया बनने से जनजीवन प्रभावित हुआ। खाजूवाला में सड़कों और गलियों में पानी भरने से दुकानों को नुकसान हुआ, जबकि कोलायत के सियान गाँव में बाढ़ जैसे हालात बने।
  • प्रशासन की लापरवाही: बारिश के बाद जल निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था के कारण निचले इलाकों में पानी जमा रहा। कई स्कूलों तक छुट्टी के आदेश समय पर नहीं पहुँचे, जिससे बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जिला कलेक्टर कार्यालय और पुरानी अदालत परिसर में भी पानी भर गया।
  • किसानों को राहत: महाजन और आसपास के गाँवों में बारिश से खेतों को पानी मिला, जिससे किसानों के चेहरे खिल गए। हालांकि, जलभराव से कुछ फसलों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।
  • तापमान में कमी: बारिश ने तापमान को 4-5 डिग्री सेल्सियस कम किया, लेकिन उमस ने लोगों को परेशान किया।

प्रशासन का रुख

नगर निगम की टीमें बारिश के बाद सक्रिय हुईं। निगम आयुक्त मनीष मयंक और उपायुक्त यशपाल आहूजा ने जल निकासी के लिए निर्देश दिए, लेकिन कई क्षेत्रों में स्थिति जस की तस रही। भारी बारिश की चेतावनी के चलते स्कूलों, कोचिंग संस्थानों, मदरसों और आंगनबाड़ी केंद्रों में छुट्टी घोषित की गई।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

नापासर और खाजूवाला जैसे क्षेत्रों में स्थानीय निवासियों ने जलभराव और खराब ड्रेनेज सिस्टम को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। बारिश से विवाह समारोहों में भी व्यवधान पड़ा, क्योंकि खुले में की गई व्यवस्थाएँ चौपट हो गईं।

पिछले अनुभव और भविष्य की जरूरत

पिछले वर्षों (2021, 2023, 2024) में भी बीकानेर में बारिश से जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने थे। इस बार भी ड्रेनेज सिस्टम की कमी और प्रशासन की अपर्याप्त तैयारियों ने शहरवासियों को परेशान किया। स्थानीय लोग और सामाजिक कार्यकर्ता बेहतर जल निकासी और बुनियादी ढाँचे की माँग कर रहे हैं। साथ ही, मार्च 2025 में ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान के बाद, प्रशासन ने बारिश से प्रभावित फसलों के सर्वे का आश्वासन दिया है।

निष्कर्ष

बीकानेर में बारिश ने किसानों को लाभ पहुँचाया और गर्मी से राहत दी, लेकिन जलभराव और अव्यवस्था ने प्रशासन की कमियों को उजागर किया। भविष्य में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और आपदा प्रबंधन की जरूरत है ताकि बारिश का पूरा लाभ उठाया जा सके और नुकसान को कम किया जाए।

लेखक: TharToday.com टीम

Thar Today

Recent Posts

‘कलेक्टर्स कान खोलकर सुन लें, पुंगी बजा देंगे’: राजस्थान में वोटर लिस्ट पर ‘महायुद्ध’, डोटासरा-जूली ने खोला मोर्चा

जयपुर | राजस्थान की शांत दिखने वाली सर्दियों में सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर…

5 hours ago

लूणकरणसर: 5 माह का ‘वनवास’ खत्म, ‘इंस्पेक्टर नंबर 6’ लाइन हुई दुरुस्त; मलकीसर पंपिंग स्टेशन फिर से शुरू

लूणकरणसर | थार टुडे (TharToday.com) पश्चिमी राजस्थान की मरुगंगा कही जाने वाली इंदिरा गांधी नहर…

8 hours ago

मंडी अपडेट 15 जनवरी: बीकानेर में मूंगफली और ग्वार की चमक बरकरार, नरमा ने तोड़े रिकॉर्ड – जानिए आज का पूरा हाल

15/01/2026 | बीकानेर पश्चिमी राजस्थान की मंडियों में आज मकर संक्रांति के बाद गजब की…

9 hours ago

‘डीप फ्रीज’ में बीकानेर संभाग: कोहरे और पाले ने बढ़ाई मुसीबत, खेतों में जमी बर्फ; स्कूलों में छुट्टियां बढ़ीं

बीकानेर/श्रीगंगानगर: थार का मरुस्थल और नहरी क्षेत्र इस समय कुदरत के तीखे तेवरों का सामना…

2 days ago