Hanumangarh Farmer Protest (हनुमानगढ़ किसान आंदोलन): राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर किसानों ने अपनी एकता का अभूतपूर्व परिचय दिया। जहाँ एक ओर देश अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा था, वहीं हनुमानगढ़ की सड़कों पर हज़ारों किसानों ने सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ 20 किलोमीटर लंबी ‘तिरंगा ट्रैक्टर रैली’ निकालकर प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया । यह प्रदर्शन पिछले 17 महीनों से चल रहे उस निरंतर संघर्ष की परिणति थी, जिसने अंततः एक बड़े औद्योगिक निवेश को राज्य छोड़ने पर मजबूर कर दिया ।
हनुमानगढ़ के टिब्बी तहसील के राठीखेड़ा गाँव में ‘ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड’ (Dune Ethanol Private Limited) द्वारा ₹450 करोड़ की लागत से एक विशाल एथेनॉल संयंत्र प्रस्तावित था । हालाँकि, स्थानीय किसानों और ‘फैक्ट्री भगाओ, एरिया बचाओ संघर्ष समिति’ ने इसे क्षेत्र के अस्तित्व के लिए खतरा माना ।
आंदोलन के मुख्य कारण निम्नलिखित थे:
Hanumangarh Farmer Protest ने समय के साथ कई चरणों में प्रगति की। 10 दिसंबर 2025 को टिब्बी में हुई महापंचायत के दौरान माहौल हिंसक हो गया था, जहाँ फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल गिरा दी गई और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था । इस घटना के बाद इंटरनेट सेवाएं बंद की गईं और 100 से अधिक लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई ।
26 जनवरी 2026 की रैली इस आंदोलन का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। सैकड़ों ट्रैक्टरों पर तिरंगा लहराते हुए किसानों ने शांतिपूर्वक यह संदेश दिया कि वे अपनी ज़मीन और पर्यावरण के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे ।
निरंतर विरोध और असुरक्षित निवेश माहौल को देखते हुए कंपनी प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है। फैक्ट्री के सीनियर मैनेजर जय प्रकाश शर्मा ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि कंपनी अब राजस्थान में इस संयंत्र को स्थापित नहीं करेगी । कंपनी ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जानकारी दी कि अनुकूल वातावरण न होने के कारण वे इस ₹450 करोड़ के प्रोजेक्ट को मध्य प्रदेश (MP) स्थानांतरित कर रहे हैं ।
हालांकि फैक्ट्री का हटना किसानों के लिए एक बड़ी जीत है, लेकिन किसान नेता मंगेज चौधरी और बलवान पूनिया का कहना है कि आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा जब तक:
हनुमानगढ़ की यह 20 किलोमीटर लंबी ट्रैक्टर रैली और किसानों का दृढ़ निश्चय आने वाले समय के लिए एक केस स्टडी बन गया है। यह स्पष्ट करता है कि औद्योगिक विकास और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लक्ष्य स्थानीय संसाधनों और जनता के विश्वास को ताक पर रखकर हासिल नहीं किए जा सकते ।
बीकानेर खेजड़ी बचाओ आंदोलन वर्तमान में राजस्थान के सबसे बड़े जन-आंदोलनों में से एक बन…
गिस्तान की तपती रेत आज जोश और जुनून से उबल रही है। राजस्थान के राज्य…
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में एक अलग ही नजारा देखने को मिला. बाड़मेर से…
UGC New Rules 2026: देश भर के शिक्षण संस्थानों में मचे घमासान के बीच एक…
ओरण भूमि (Oran Land) राजस्थान की संस्कृति और पारिस्थितिकी का वह अभिन्न अंग है, जिसे…
Jodhpur Nose Cutting इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने…