श्रीगंगानगर |
भारतीय न्याय प्रणाली अपराधियों के खिलाफ अब एक नए और आक्रामक दौर में प्रवेश कर चुकी है। राजस्थान के श्रीगंगानगर की एक अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर और अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट के सरगना रोहित गोदारा (असली नाम: रावताराम स्वामी) के खिलाफ एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। अदालत ने गोदारा के लिए 19 जनवरी, 2026 की “लक्ष्मण रेखा” खींच दी है। यदि वह इस तारीख तक सरेंडर नहीं करता है, तो भारतीय कानून के इतिहास में दुर्लभ माने जाने वाला ‘एब्सेंटिया ट्रायल’ (अनुपस्थिति में विचारण) शुरू हो जाएगा ।
यह मामला केवल एक गैंगस्टर की पेशी का नहीं, बल्कि नए भारतीय कानूनों की उस ताकत का परीक्षण है, जो अब सात समंदर पार छिपे अपराधियों को भी नहीं बख्शेगा।
श्रीगंगानगर की जिला अदालत ने 16 जनवरी को स्पष्ट कर दिया कि रोहित गोदारा को अब और मोहलत नहीं मिलेगी। जिला पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. अमृता दुहन ने पुष्टि की है कि यदि गोदारा 19 जनवरी तक अदालत में हाजिर नहीं होता, तो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 356 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी ।
क्या होगा 19 जनवरी के बाद?
यह कदम इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि अब तक अपराधी विदेश भागकर भारतीय कानून को ठेंगा दिखाते थे, क्योंकि उनकी उपस्थिति के बिना ट्रायल पूरा नहीं हो सकता था। धारा 356 ने इस बाधा को जड़ से खत्म कर दिया है ।
इस पूरी कानूनी प्रक्रिया की नींव 4 जून, 2025 को पड़ी थी। श्रीगंगानगर के एक बड़े व्यापारी को विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल आए। कॉल करने वाले ने खुद को रोहित गोदारा गैंग का बताया और करोड़ों की रंगदारी मांगी।
पुलिस ने जाल बिछाया और जब गैंग के गुर्गे—राजकुमार उर्फ रॉकेट, कुलदीप कुमार, नीरज स्वामी और श्यामसुंदर—पैसा लेने पहुंचे, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया । जांच में डिजिटल सबूत मिले कि ये लोग ‘सिग्नल’ (Signal) ऐप के जरिए सीधे अमेरिका/कनाडा में बैठे गोदारा से निर्देश ले रहे थे। यही सबूत अब कोर्ट में गोदारा के गले की फांस बन गया है ।
बीकानेर के लूनकरणसर के कपूरीसर गांव का एक साधारण मोबाइल रिपेयरिंग मैकेनिक कैसे देश का सबसे वांटेड गैंगस्टर बन गया, यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है।
खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गोदारा कभी हिस्सा था, अब उसमें बड़ी फूट पड़ चुकी है। लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा-गोल्डी बराड़ अब दो अलग गुट बन चुके हैं।
पुलिस जांच में गोदारा की “डिब्बा कॉलिंग” (Dibba Calling) तकनीक का भी खुलासा हुआ है। हाल ही में दुबई से डिपोर्ट किए गए उसके साथी आदित्य जैन उर्फ टोनी ने बताया कि वे दो मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते थे। एक फोन से गोदारा को वीओआईपी कॉल पर लिया जाता था और उसे दूसरे फोन के पास रखकर पीड़ित से बात कराई जाती थी। इससे कॉल ट्रेस करना नामुमकिन हो जाता था ।
19 जनवरी की तारीख नजदीक है। अगर गोदारा पेश नहीं होता है, तो वह राजस्थान का पहला ऐसा ‘हाई-प्रोफाइल’ गैंगस्टर होगा जिसका फैसला उसकी खाली कुर्सी को सुनाया जाएगा। यह कार्रवाई न केवल गोदारा के लिए, बल्कि विदेश में बैठे हर उस अपराधी के लिए चेतावनी है जो समझता है कि वह भारतीय कानून की पहुंच से दूर है।
पुलिस का संदेश साफ है: “अब आप भाग सकते हैं, लेकिन छिप नहीं सकते। कानून अपना काम करेगा, चाहे आप कोर्ट में हों या न हों।”
| अपराध | विवरण |
| गोगामेड़ी हत्याकांड | 5 दिसंबर 2023 को जयपुर में सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या की जिम्मेदारी ली । |
| दिशा पटानी धमकी | 2025 में बॉलीवुड एक्ट्रेस के पिता के घर पर फायरिंग करवाई । |
| रंगदारी नेटवर्क | श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और सीकर के व्यापारियों से ‘वर्चुअल नंबरों’ से करोड़ों की वसूली । |
बीकानेर/पूगल | क्राइम डेस्क राजस्थान के बीकानेर जिले में सौर ऊर्जा (Solar Energy) के विस्तार…
जयपुर, 16 जनवरी 2026 | कल गुलाबी नगरी जयपुर का रंग 'ओलिव ग्रीन' हो गया।…
बीकानेर | बीकानेर के शांत उपनगर भीनासर में आज सुबह इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली…
जयपुर | राजस्थान की शांत दिखने वाली सर्दियों में सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर…
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में "दवा उपलब्ध नहीं है" का बहाना बनाकर मरीजों को निजी…
लूणकरणसर | थार टुडे (TharToday.com) पश्चिमी राजस्थान की मरुगंगा कही जाने वाली इंदिरा गांधी नहर…