जयपुर। राजस्थान सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश की सभी पंचायत समितियों में प्रशासक नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। 11 दिसंबर से SDM (उपखंड अधिकारी) पंचायत समितियों के प्रशासक की भूमिका निभाएंगे।
सरकार की ओर से मंगलवार को इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी किया गया। इसके तहत संबंधित क्षेत्र के SDM को पंचायत समिति का प्रशासक बनाया जाएगा, जो समिति के दैनिक कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
प्रधानों का विरोध जारी
हालांकि इस फैसले को लेकर राजस्थान के पंचायत प्रधान असहमति जता रहे हैं। प्रधान चाहते हैं कि प्रशासक की नियुक्ति न हो और उन्हें अपने अधिकारों के साथ काम करने का मौका मिले। इस मुद्दे पर प्रधान संगठन सरकार के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं।
प्रधानों का तर्क है कि प्रशासक की नियुक्ति से उनकी स्वायत्तता प्रभावित होगी और ग्रामीण विकास के कार्यों में देरी हो सकती है।
क्या होंगी प्रशासक की जिम्मेदारियां
SDM प्रशासक के रूप में पंचायत समिति की बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, विकास योजनाओं की निगरानी करेंगे और वित्तीय मामलों पर नियंत्रण रखेंगे। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी भी प्रशासक की होगी।
यह व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक पंचायत समितियों में नियमित चुनाव नहीं हो जाते।
