बीकानेर: राजस्थान के इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र के किसानों में गहरी चिंता है। 5 जनवरी 2026 से सिंचाई रेगुलेशन बदलकर 25 दिन के अंतराल पर पानी देने की सरकारी योजना से सरसों, गेहूं और चने की फसलें बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है। किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि बदलाव लागू हुआ तो बड़े आंदोलन की तैयारी।
वर्तमान vs प्रस्तावित रेगुलेशन
- अभी: 4 ग्रुप में बारी-बारी (2 ग्रुप पानी मिलता है)।
- जनवरी से: 25 दिन का अंतराल, जिससे रबी फसलें सूखेंगी।
किसानों की मांग: कम से कम 2 ग्रुपों को लगातार पानी दें। श्रीडूंगरगढ़ व बीकानेर संभाग के हजारों किसक आक्रोशित।
आंदोलन की तैयारी
श्योपत साहरण जैसे संगठनों ने महापंचायत बुलाई। यदि रेगुलेशन बदला तो ट्रैक्टर मार्च और नहर ब्लॉकेज संभव। पहले भी पानी विवाद पर धरने हुए। SKM जैसी राष्ट्रीय यूनियनें भी 16 जनवरी को VB-G RAM G लॉ के खिलाफ विरोध की घोषणा कर चुकीं।
किसानों की चिंता
“फसल मर जाएगी, सरकार क्यों नहीं सुन रही?”
