हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र के राठीखेड़ा गांव में बुधवार शाम किसानों का एथेनॉल फैक्ट्री के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया था। शुक्रवार सुबह तक गांव में स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है, हालांकि प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है।
सरकार की पहल और नेताओं की बातचीत
घटनाक्रम के बाद गुरुवार देर रात सादुलशहर के विधायक गुरवीर सिंह बराड़ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राठीखेड़ा पहुंचे। उन्होंने किसानों और ग्रामीण महिलाओं से मुलाकात की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। बराड़ ने कहा, “हिंसा भड़काने वाले असामाजिक तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। किसानों की सभी मांगों पर विचार कर उन्हें मुख्यमंत्री के सामने रखा जाएगा।”
इससे पहले दोपहर में मंत्री जोगाराम पटेल और सुमित गोदारा ने भी बयान जारी कर कहा कि सरकार लगातार किसानों से संवाद में है और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है।
किसानों का पक्ष
गुरुवार रात हुई बैठक में किसानों ने साफ किया कि बुधवार को हुई आगजनी में उनका कोई हाथ नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्ट्री प्रबंधन और कुछ बाहरी लोगों की ओर से स्थिति को जानबूझकर बिगाड़ा गया। ग्रामीणों का कहना है कि वे सिर्फ एथेनॉल फैक्ट्री से पर्यावरणीय और भूजल को होने वाले खतरे को लेकर चिंतित हैं।
बुधवार को कैसे बिगड़े हालात
बुधवार दोपहर किसान महापंचायत के बाद सैकड़ों प्रदर्शनकारी एथेनॉल फैक्ट्री परिसर तक पहुंच गए। देखते ही देखते भीड़ ने ट्रैक्टरों से चारदीवारी तोड़ दी और कई वाहनों में आग लगा दी। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की तो दोनों ओर से झड़पें हुईं। इस दौरान कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया सहित कई लोग घायल हुए। फिलहाल क्षेत्र में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात हैं।
माहौल अब भी तनावपूर्ण
गांव में करीब तीन दर्जन पुलिसकर्मी लगातार गश्त कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन तेज करेंगे।
