बीकानेर। शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा हुआ है। विभाग के दो वरिष्ठ अफसरों को विधायकों के पत्रों पर काम करने के बदले 10% कमीशन मांगने के आरोप में तत्काल निलंबित कर दिया गया है। एक विधायक ने तो कमीशन न देने पर ‘दरी’ तक मंगवा ली थी।
कमीशन का खेल: विधायकों के लेटर पर 10% कटौती
निलंबित अफसरों पर आरोप है कि वे विधायकों के सिफारिशी पत्रों पर स्कूलों में स्थानांतरण, नियुक्ति और विकास कार्यों को मंजूरी देने के बदले 10% कमीशन वसूलते थे। एक मामले में विधायक ने स्कूल में स्टाफ की नियुक्ति के लिए पत्र दिया था। अफसरों ने काम करने के बदले 10% कमीशन की मांग की।
‘दरी मंगवा ली’ विवादास्पद घटना
सबसे चौंकाने वाली घटना तब घटी जब एक विधायक ने कमीशन न देने पर नाराजगी जताते हुए अफसर से ‘दरी’ मंगवा ली। विधायक का दावा है कि अफसर ने पत्र पर काम न करने के बदले यह शर्त रखी थी। इस घटना ने विभाग में हड़कंप मचा दिया।
जांच में कई खुलासे
- 5 विधायकों के पत्र अटके: कमीशन न देने पर फाइलें लंबित
- 50 लाख से अधिक का खेल: पिछले 6 महीनों में वसूली का अनुमान
- स्कूलों में भ्रष्टाचार: स्थानांतरण, निर्माण कार्यों पर सेटिंग
- रिकॉर्ड जब्त: अफसरों के घरों से नकदी, दस्तावेज बरामद
जिलों में छापेमारी, कई नाम सामने
शिक्षा विभाग के DEO, DEEO और जिला शिक्षा अधिकारी स्तर के अफसरों पर कार्रवाई हुई। बीकानेर, चुरू, हनुमानगढ़ और Sriganganagar के स्कूलों से जुड़े मामलों में जांच चल रही है। ACB ने 3 अफसरों के घरों पर छापा मारा।
सरकार की सख्ती: तत्काल निलंबन
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने सख्त निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा, “शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं होगा। दोषी अफसरों को बर्खास्तगी तक की कार्रवाई होगी।”
अभी तक की कार्रवाई:
| अफसर का पद | जिला | स्थिति |
|---|---|---|
| DEO | बीकानेर | निलंबित |
| DEEO | चुरू | निलंबित |
| जिला शिक्षा अधिकारी | हनुमानगढ़ | जांचाधीन |
जनता की प्रतिक्रिया
शिक्षक संगठनों और अभिभावकों ने सरकार के कदम की सराहना की है। स्थानीय विधायकों ने कहा कि अब स्कूलों में पारदर्शिता आएगी।
