बीकानेर संभाग का मौसम आज, 27 जनवरी 2026 को, एक अत्यंत सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और तेज अंधड़ की चेतावनी दी गई है। यह मौसमी बदलाव उत्तर भारत में सर्दी के एक नए और अधिक उग्र चरण की शुरुआत का संकेत दे रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ और वायुमंडलीय स्थिति
आज बीकानेर संभाग का मौसम खराब होने का मुख्य कारण एक गहरा वायुमंडलीय विक्षोभ है जो भूमध्य सागर से नमी लेकर भारतीय मैदानों तक पहुंचा है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, इस सिस्टम के प्रभाव से हवा की गति 40–50 किमी/घंटा तक रह सकती है, जो झोंकों के दौरान 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है। हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण वातावरण में नमी (Relative Humidity) का स्तर 89% तक दर्ज किया गया है, जिससे घने कोहरे और बादलों की स्थिति बनी हुई है।
जिला-वार मौसम का विस्तृत विश्लेषण
1. श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़: भारी नमी और ओले
श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में आज बारिश की संभावना 50–60% के बीच है। ब्लॉक स्तर के पूर्वानुमान के अनुसार, अनूपगढ़, घड़साना और पदमपुर जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 20.0∘C और न्यूनतम तापमान 11.0∘C रहने का अनुमान है। हालांकि, बादलों की ओट के कारण रात का तापमान बढ़ा है, लेकिन दिन भर सूर्य की अनुपस्थिति के कारण “शीत दिन” (Cold Day) जैसी स्थिति बनी रहेगी।
2. बीकानेर: तूफानी हवाओं का जोखिम
बीकानेर जिले में आज वायुमंडलीय दबाव (Barometric Pressure) लगभग 30.00 “Hg दर्ज किया गया है। विभाग ने यहाँ “Thunderstorm with squall or hail” की चेतावनी दी है। कोहरे के कारण सुबह के समय दृश्यता (Visibility) 1 मील से भी कम दर्ज की गई, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हुआ है।
3. चूरू: संभाग का “थर्मल पोल”
चूरू में आज संभाग की सबसे अधिक वर्षा की संभावना (86%) है। यहाँ अधिकतम तापमान 25.3∘C और न्यूनतम तापमान 11.9∘C के बीच रहने की उम्मीद है। सुबह के समय यहाँ आर्द्रता 77% के करीब रही, जिससे धुंध और कोहरा छाया रहा।
कृषि और रबी फसलों पर प्रभाव
आज का बीकानेर संभाग का मौसम किसानों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ‘मावट’ (शीतकालीन वर्षा) गेहूं की फसल के लिए अमृत के समान है, लेकिन इसके साथ आने वाली ओलावृष्टि और तेज हवाएं सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं।
- फसल सुरक्षा: किसानों को सलाह दी गई है कि वे ओलावृष्टि के दौरान खेतों में पानी का जमाव (Waterlogging) न होने दें और सिंचाई कार्यों को फिलहाल रोक दें।
- अंधड़ का जोखिम: 40–50 किमी/घंटा की हवाएं सरसों और जौ जैसी फसलों को गिरा (Lodging) सकती हैं, जिससे पैदावार में कमी आने की आशंका है।
यातायात और परिवहन व्यवस्था
मौसम की मार के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) और सड़क परिवहन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
- ट्रेनें रद्द: घने कोहरे और विक्षोभ के कारण बीकानेर और श्रीगंगानगर आने-जाने वाली लगभग 20 एक्सप्रेस ट्रेनों को फरवरी के अंत तक के लिए रद्द या पुनर्निर्धारित किया गया है। ट्रेन नंबर 12260 (बीकानेर-दिल्ली दुरंतो) को मार्ग बदलकर चलाया जा रहा है।
- सड़क सुरक्षा: विभाग ने वाहन चालकों को फॉग लाइट का उपयोग करने और हाईवे पर सावधानी बरतने की सलाह दी है। शनिवार को ही कोटा-झालावाड़ हाईवे पर खराब दृश्यता के कारण एक बड़ा बस हादसा हो चुका है।
स्वास्थ्य सलाह और AQI रिपोर्ट
मौसम विभाग ने एक विशेष स्वास्थ्य परामर्श जारी किया है। वर्तमान में हवा में प्रदूषण और नमी के मिलने से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई स्थानों पर ‘खराब’ श्रेणी (349 तक) में पहुंच गया है।
- फेफड़ों पर असर: घने कोहरे में मौजूद प्रदूषक तत्व फेफड़ों की कार्यक्षमता को कम कर सकते हैं, जिससे खांसी, सांस लेने में तकलीफ और घबराहट की शिकायतें बढ़ सकती हैं।
- सावधानी: बुजुर्गों और बच्चों को सुबह की ठंड और कोहरे में घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए।
निष्कर्ष और आगामी पूर्वानुमान
आज की स्थिति के बाद, बीकानेर संभाग का मौसम 28 और 29 जनवरी को फिर से पलटेगा। पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद तापमान में 3–5∘C की भारी गिरावट आने की संभावना है, जिससे कड़ाके की शीतलहर (Cold Wave) फिर से वापसी करेगी। एक नया विक्षोभ 30 जनवरी की रात से सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे फरवरी की शुरुआत भी अस्थिर मौसम के साथ होगी।
नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के अपडेट्स का पालन करें और बिजली गिरने या ओलावृष्टि के दौरान पक्के निर्माणों के नीचे शरण लें।
