राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ Bikaner ACB Raid की अब तक की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई सामने आई है। एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने जब पंचायती राज विभाग के एक साधारण से कनिष्ठ लिपिक (LDC) के घर पर छापा मारा, तो अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं। जिसे वो एक मामूली कर्मचारी समझ रहे थे, उसका घर किसी ‘कुबेर के खजाने’ से कम नहीं निकला।
इस Bikaner ACB Raid में एसीबी की टीमों ने आरोपी के घर से नोटों की गड्डियां, सोने की ईंटें और बेशकीमती जमीनों के इतने दस्तावेज बरामद किए हैं कि उनकी गिनती करने में मशीनों का सहारा लेना पड़ा।
सुबह 5 बजे शुरू हुई Bikaner ACB Raid
एसीबी मुख्यालय को खुफिया जानकारी मिली थी कि फलोदी जिले की बाप पंचायत समिति (Baap Panchayat Samiti) में कार्यरत एलडीसी शुभकरण परिहार ने आय से अधिक संपत्ति जमा कर रखी है। इस सूचना के आधार पर शुक्रवार तड़के 5 बजे, एसीबी के महानिदेशक (DG) गोविंद गुप्ता के निर्देश पर Bikaner ACB Raid को अंजाम दिया गया।
पांच अलग-अलग टीमों ने बीकानेर शहर की पॉश कॉलोनियों में स्थित शुभकरण परिहार के ठिकानों पर एक साथ धावा बोला। जैसे ही एसीबी के अधिकारी घर में दाखिल हुए, अलमारियों में ठूंस-ठूंस कर भरे नोटों के बंडल देख वे भी दंग रह गए।
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सीजर लिस्ट: क्या-क्या मिला रेड में?
इस ऐतिहासिक Bikaner ACB Raid में अब तक की बरामदगी के आंकड़े किसी भी होश उड़ाने के लिए काफी हैं। एसीबी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार:
- 76 लाख रुपये नकद: घर के अलग-अलग कोनों और लॉकर से कुल 76 लाख रुपये का अनअकाउंटेड कैश (Unaccounted Cash) मिला है।
- 1 किलो सोना: रेड के दौरान 1 किलो से अधिक सोने के जेवरात और बिस्किट मिले हैं। आज के बाजार भाव के अनुसार इसकी कीमत 70 लाख रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
- 2 किलो चांदी: पारंपरिक राजस्थानी चांदी के जेवर और सिल्लियां भी बरामद हुई हैं।
- 17 हेक्टेयर जमीन: सबसे चौंकाने वाला खुलासा जमीनों को लेकर हुआ है। आरोपी के नाम पर 17 हेक्टेयर कृषि भूमि के दस्तावेज मिले हैं।
- लग्जरी गाड़ियां और प्लॉट: बीकानेर शहर के मुख्य इलाकों में कई आवासीय प्लॉट और मकानों के कागजात भी जब्त किए गए हैं।
900% से ज्यादा काली कमाई का रिकॉर्ड
एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी शुभकरण परिहार एक लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) है। एक सरकारी क्लर्क की सैलरी को देखते हुए, उसके पास मिली यह संपत्ति उसकी वैध आय से 900 गुना (900%) अधिक है। Bikaner ACB Raid के दौरान सामने आया कि शुभकरण परिहार मूल रूप से बीकानेर जिले के पुनरासर गांव का रहने वाला है और वर्तमान में कनासर ग्राम पंचायत में तैनात था।
जांच अधिकारियों का मानना है कि बाप (Baap) और फलोदी क्षेत्र, जो कि सोलर ऊर्जा का हब बन चुका है, वहां जमीनों के रेट आसमान छू रहे हैं। आशंका है कि आरोपी ने भ्रष्टाचार का पैसा इन जमीनों में निवेश कर ‘व्हाइट’ करने की कोशिश की थी।
पंचायती राज में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ें
यह Bikaner ACB Raid सिर्फ एक कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह पंचायती राज विभाग में फैले भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करती है। ग्रामीण विकास के लिए आने वाला पैसा किस तरह सिस्टम के ‘गेटकीपर्स’ द्वारा डकारा जा रहा है, यह उसका जीता-जागता सबूत है।
सूत्रों के मुताबिक, एसीबी अब यह जांच कर रही है कि शुभकरण परिहार के तार विभाग के किन बड़े अधिकारियों से जुड़े थे। क्या वह अकेले ही इस खेल का खिलाड़ी था, या फिर वह किसी बड़े सिंडिकेट का सिर्फ एक चेहरा था? Bikaner ACB Raid की आंच अब ऊपर तक जाने की संभावना है।
आगे क्या होगा?
फिलहाल एसीबी की टीम सभी दस्तावेजों को स्कैन कर रही है और आरोपी के बैंक लॉकर्स को खंगाला जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जब्त संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है। आरोपी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) का मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है।
इस Bikaner ACB Raid ने पूरे राजस्थान के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मचा दिया है। यह कार्रवाई साबित करती है कि ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करते हुए एसीबी अब छोटी मछलियों के साथ-साथ मगरमच्छों पर भी शिकंजा कसने को तैयार है।
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