राजस्थान एसआई भर्ती–2021 रद्द होने के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार की अपील पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने नोटिस जारी किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एस.पी. शर्मा की पीठ ने सरकार की अपील पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता कैलाशचंद्र शर्मा सहित अन्य पक्षकारों से जवाब तलब किया है। अब इस मामले की अगली तारीख 5 जनवरी 2026 तय की गई है।
सरकार का तर्क: ‘कुछ की गलती, सबको सज़ा क्यों?’
राज्य सरकार ने अपनी अपील में दलील दी है कि एसआई भर्ती रद्द होने से उन ईमानदार और योग्य अभ्यर्थियों का भविष्य खतरे में पड़ गया है, जिन्होंने बिना किसी गड़बड़ी के परीक्षा पास की थी।
सरकार का कहना है कि जांच एजेंसियां गड़बड़ी करने वाले और ईमानदार अभ्यर्थियों की पहचान अलग‑अलग कर सकती हैं, ऐसे में पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना न्यायोचित नहीं माना जा सकता।
सरकार ने यह भी कहा है कि प्रश्नपत्र लीक की घटना सीमित दायरे तक रही और पूरे राज्य में पेपर लीक नहीं हुआ था, इसलिए पूरे परिणाम को निरस्त करना उचित नहीं है।
पेपर लीक पर सरकार की सफाई
अपील में सरकार ने स्वीकार किया है कि प्रश्नपत्र लीक हुआ था, लेकिन उसका दायरा सीमित था।
सरकार के अनुसार लीक हुआ पेपर केवल कुछ अभ्यर्थियों, आरपीएससी के कुछ सदस्यों के परिजनों और बिचौलियों/दलालों तक पहुंचा था।
इस आधार पर सरकार का कहना है कि दोषी अभ्यर्थियों और संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है, परंतु सभी चयनित व ईमानदार उम्मीदवारों को एक साथ सज़ा देना न्यायसंगत नहीं है।
याचिका में देरी, लेकिन अदालत ने दी राहत
गौर करने वाली बात यह है कि हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त को एसआई भर्ती–2021 को रद्द करने का आदेश दिया था।
इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने निर्धारित 60 दिन की समयावधि समाप्त होने के बाद अपील दायर की, जिसके साथ देरी माफी (डिले कंडोनेशन) का आवेदन भी जोड़ा गया।
खंडपीठ ने देरी माफी के आवेदन को स्वीकार कर लिया और अपील को सुनवाई योग्य मानते हुए याचिकाकर्ताओं सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिए।
आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष–सदस्य और चयनित अभ्यर्थी भी पक्षकार
सरकार की अपील के साथ‑साथ आरपीएससी के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय, पूर्व सदस्य मंजू शर्मा और कुछ चयनित अभ्यर्थियों की ओर से भी अलग‑अलग अपीलें दायर की गई हैं।
इनमें से कई अपीलों पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर दिए हैं, जबकि कुछ मामलों में नोटिस की तामील (सर्विस) अभी लंबित है।
अदालत ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित पक्षों को विधिसम्मत तरीके से नोटिस की तामील सुनिश्चित की जाए, ताकि अगली तारीख पर सभी पक्षों की मौजूदगी में सुनवाई हो सके।
अगला चरण: 5 जनवरी 2026 को अहम सुनवाई
हाईकोर्ट अब 5 जनवरी 2026 को इस पूरे मामले पर विस्तृत सुनवाई करेगा।
इस दौरान यह तय होगा कि क्या एकलपीठ द्वारा भर्ती रद्द करने के आदेश को बरकरार रखा जाए या सरकार की दलीलों के आधार पर उसे बदला/रद्द किया जाए।
हजारों अभ्यर्थियों की उम्मीदें इस मामले से जुड़ी हैं, इसलिए अगली तारीख की सुनवाई को बेहद अहम माना जा रहा है।
