Anupgarh Honeymoon Murder पश्चिमी राजस्थान के अनूपगढ़ जिले में रिश्तों को तार-तार करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है। इसे पुलिस और स्थानीय लोग Anupgarh Honeymoon Murder केस का नाम दे रहे हैं। महज तीन महीने पहले जिस घर में शहनाई बजी थी, वहां अब मातम का सन्नाटा है। एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां उस वक्त राख हो गईं, जब घर की ही ‘लक्ष्मी’ ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को मौत की नींद सुला दिया।
इस Anupgarh Honeymoon Murder की तफ्तीश में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म की कहानी से कम नहीं हैं। आज कोर्ट ने इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। आइए जानते हैं इस दिल दहला देने वाली वारदात की पूरी इनसाइड स्टोरी।
आज का बड़ा अपडेट: आरोपी सलाखों के पीछे
इस हाई-प्रोफाइल Anupgarh Honeymoon Murder केस में अनूपगढ़ कोर्ट ने आज (14 फरवरी) सख्त रुख अपनाया है। पुलिस रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद मुख्य आरोपी प्रेमी संजय और उसके दो साथियों—रोहित (जो संजय का ममेरा भाई है) और बादल—को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में अनूपगढ़ सब-जेल भेज दिया गया है। वहीं, इस पूरी साजिश की मास्टरमाइंड पत्नी अंजलि पहले से ही न्यायिक हिरासत में है।
फ्लैशबैक: शादी, धोखा और 7 साल पुराना इश्क
इस Anupgarh Honeymoon Murder की जड़ें 7 साल पुराने एक प्रेम प्रसंग में छिपी थीं। अनूपगढ़ के रावला मंडी थाना क्षेत्र के गांव 1-KLM के रहने वाले 27 वर्षीय आशीष कुमार की शादी 30 अक्टूबर 2025 को सादुलशहर की रहने वाली अंजलि (23) से हुई थी। आशीष एक प्राइवेट स्कूल में टीचर था और अपने परिवार का लाडला था।
लेकिन अंजलि इस शादी से खुश नहीं थी। उसका अपने कॉलेज के साथी संजय के साथ पिछले 6-7 सालों से अफेयर चल रहा था। शादी के बाद भी अंजलि का दिल अपने पति के बजाय प्रेमी के लिए धड़कता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि अंजलि शादी के बाद आगे की पढ़ाई (MA) के बहाने श्रीगंगानगर शिफ्ट होना चाहती थी ताकि वह अपने प्रेमी संजय के करीब रह सके। जब पति आशीष ने उसे गांव में ही रहने या पास के कॉलेज से पढ़ाई करने को कहा, तो अंजलि ने उसे अपनी राह का कांटा मान लिया।
मौत की स्क्रिप्ट: 16 दिन पहले मायके में बनी योजना
इस Anupgarh Honeymoon Murder की साजिश वारदात से ठीक 16 दिन पहले रची गई थी। जांच अधिकारी ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले अंजलि अपने मायके सादुलशहर गई थी। वहां उसने संजय के साथ गुप्त मुलाकात की। दोनों ने तय किया कि अगर उन्हें एक होना है, तो आशीष को रास्ते से हटाना ही होगा। यहीं पर मौत की तारीख और तरीका तय किया गया।
30 जनवरी की वो काली रात
योजना के मुताबिक, 30 जनवरी की रात को अंजलि ने आशीष को खाना खाने के बाद टहलने के लिए मनाया। आशीष अपनी पत्नी पर भरोसा करता था, इसलिए वह उसके साथ घर से बाहर निकल गया। गांव के पास एक सुनसान सड़क पर Anupgarh Honeymoon Murder को अंजाम देने के लिए प्रेमी संजय अपने दोस्तों रोहित और बादल के साथ पहले से घात लगाकर बैठा था।
जैसे ही आशीष वहां पहुंचा, आरोपियों ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया। आशीष जान बचाने के लिए गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन पत्नी अंजलि चुपचाप यह सब देखती रही। जब लाठियों के वार से भी आशीष की जान नहीं निकली, तो आरोपियों ने मफलर से उसका गला घोंट दिया। हत्या को हादसे की शक्ल देने के लिए उन्होंने आशीष के शव को सड़क पर ऐसे फेंक दिया जैसे किसी अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मारी हो (Hit and Run)।
CDR ने खोला ‘खूनी पत्नी’ का राज
शुरुआत में पुलिस इसे एक सड़क हादसा या लूट के इरादे से की गई हत्या मान रही थी। लेकिन Anupgarh Honeymoon Murder का राज तब खुला जब पुलिस ने आशीष और अंजलि के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाली। पुलिस ने देखा कि अंजलि एक खास नंबर (संजय) पर लगातार बात करती थी, यहां तक कि वारदात से ठीक पहले और बाद में भी उनकी बात हुई थी।
जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो अंजलि टूट गई। उसने रोते हुए कबूला, “मैं संजय के बिना नहीं रह सकती थी, इसलिए मैंने ही आशीष को मरवाया।” उसकी निशानदेही पर पुलिस ने संजय और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया।
समाज के लिए एक डरावना सबक
यह Anupgarh Honeymoon Murder केस आधुनिक समाज में गिरते नैतिक मूल्यों का एक भयानक उदाहरण है। आशीष के माता-पिता ने अपनी बहू को बेटी का दर्जा दिया था, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि वही बहू उनके बुढ़ापे का सहारा छीन लेगी। आशीष अपने माता-पिता की इकलौती संतान था (गोद लिया हुआ), और उसकी मौत ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है।
फिलहाल, पुलिस इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इस घटना ने पूरे राजस्थान को झकझोर कर रख दिया है।
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