जयपुर/नई दिल्ली: भारतीय सर्राफा बाजार में जनवरी 2026 का महीना ऐतिहासिक उथल-पुथल का गवाह बन रहा है। सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और वैश्विक भू-राजनीतिक संकट के बीच Gold and silver prices ने सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। मकर संक्रांति के बाद से बाजार में आई इस ‘सुनामी’ ने जहां आम खरीदारों को चौंका दिया है, वहीं निवेशकों के लिए यह शानदार रिटर्न का समय साबित हो रहा है। इसके अलावा, Gold and silver prices की निरंतर वृद्धि निवेशकों की दिलचस्पी को और बढ़ा रही है।
चांदी में ₹14,000 का ऐतिहासिक दैनिक उछाल
विशेषज्ञों का मानना है कि Gold and silver prices में और भी उतार-चढ़ाव आने की संभावना है, जो निवेशकों के लिए नई रणनीतियों को जन्म दे सकता है।
गोल्ड और सिल्वर प्राइसेस में इस परिवर्तन ने निवेशकों को नए अवसर प्रदान किए हैं।
पिछले कुछ सत्रों में चांदी की कीमतों में जो तेजी देखी गई है, वह अभूतपूर्व है। विशेष रूप से 14 जनवरी के आसपास चांदी की कीमतों में मात्र एक दिन के भीतर ₹14,000 से ₹15,000 प्रति किलोग्राम तक का भारी उछाल दर्ज किया गया। 31 दिसंबर 2025 को जो चांदी ₹2.35 लाख प्रति किलो पर थी, वह जनवरी के तीसरे हफ्ते तक ₹3.35 लाख के स्तर को पार कर गई है।
अधिकांश निवेशक Gold and silver prices में उतार-चढ़ाव की उम्मीद कर रहे हैं, और इस समय बाजार की गतिविधियों पर उनकी नजरें बनी हुई हैं।
जयपुर सर्राफा बाजार: आज के ताजा भाव (24 जनवरी 2026)
राजस्थान की राजधानी जयपुर में, जो देश का प्रमुख बुलियन हब है, आज की कीमतें इस प्रकार हैं:
| धातु (शुद्धता) | आज का भाव (प्रति 10 ग्राम/Kg) | कल के मुकाबले बदलाव |
| 24 कैरेट सोना | ₹1,58,770 | +₹1,470 (बढ़त) |
| 22 कैरेट सोना | ₹1,45,550 | +₹1,350 (बढ़त) |
| 18 कैरेट सोना | ₹1,19,120 | +₹1,110 (बढ़त) |
| चांदी (999 शुद्धता) | ₹3,35,000 | -₹5,000 (कल से मामूली गिरावट) |
नोट: ये कीमतें सांकेतिक हैं और इनमें 3% GST, मेकिंग चार्ज और अन्य स्थानीय टैक्स शामिल नहीं हैं। सटीक भाव के लिए अपने स्थानीय जौहरी से संपर्क करें।
कीमतें बेकाबू होने के 5 सबसे बड़े कारण
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोना चांदी के भाव में यह तेजी केवल मांग और आपूर्ति का खेल नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरे वैश्विक कारण हैं:
- ट्रंप और ग्रीनलैंड विवाद: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड के रणनीतिक नियंत्रण को लेकर यूरोपीय संघ (EU) के देशों पर 10% से 25% तक टैरिफ लगाने की चेतावनी ने वैश्विक बाजारों में डर पैदा कर दिया है। इस व्यापारिक युद्ध की आहट ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश (Safe-haven) के रूप में बुलियन की ओर धकेला है।
- चीन की नई निर्यात नीति: दुनिया का सबसे बड़ा चांदी प्रोसेसर चीन 1 जनवरी 2026 से एक नई लाइसेंसिंग प्रणाली लागू कर चुका है। इसके तहत केवल उन्हीं कंपनियों को निर्यात की अनुमति मिलेगी जिनकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 80 टन से अधिक है। इस कदम से वैश्विक बाजार में चांदी की भारी किल्लत (Supply Deficit) पैदा हो गई है।
- अमेरिका-ईरान तनाव: मिडिल ईस्ट में ईरान के तेल टर्मिनलों पर संभावित अमेरिकी कार्रवाई की खबरों ने कच्चे तेल और सुरक्षित संपत्तियों की कीमतों को हवा दी है।
- औद्योगिक और तकनीकी क्रांति: चांदी का उपयोग अब सौर ऊर्जा (Solar Panels), इलेक्ट्रिक वाहन (EVs) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन्फ्रास्ट्रक्चर में तेजी से बढ़ा है। अकेले एक सौर पैनल में लगभग 20 ग्राम चांदी का उपयोग होता है।
- डॉलर की कमजोरी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में गिरावट आने से विदेशी खरीदारों के लिए सोना और चांदी सस्ती हो गई है, जिससे मांग में उछाल आया है।
शादी-ब्याह के बजट पर पड़ा भारी असर
शादियों के सीजन में कीमतों के इस उछाल ने आम आदमी की जेब पर सीधा प्रहार किया है। जयपुर के ज्वेलर्स के अनुसार, भारी गहनों की खरीदारी में 30% तक की गिरावट आने की आशंका है। लोग अब भारी आभूषणों के बजाय 18 कैरेट या 14 कैरेट के हल्के डिजाइन वाले गहनों को तरजीह दे रहे हैं। राजस्थान सर्राफा एसोसिएशन ने सरकार से आयात शुल्क (Import Duty) में कटौती की मांग की है ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।
निवेशकों के लिए क्या है विशेषज्ञों की सलाह?
क्या चांदी ₹4 लाख तक जाएगी? विशेषज्ञों का मानना है कि बुलियन में वर्तमान में एक ‘सुपरसाइकिल’ चल रही है।
- गोल्ड-टू-सिल्वर रेश्यो: वर्तमान में यह अनुपात गिरकर 50 के स्तर पर आ गया है, जो दर्शाता है कि चांदी, सोने के मुकाबले अधिक तेजी से बढ़ रही है।
ताज़ा भावों की पुष्टि के लिए आप (https://www.rbi.org.in/) पर भी नज़र रख सकते हैं।
