बीकानेर पुलिस का ‘टेक-अटैक’: गुम हुए 170 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले, 40 लाख के फोन वापस पाकर खिलेंगे चेहरे

बीकानेर | मोबाइल फोन आज के दौर में सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा है। जब यह खोता है, तो डेटा और निजी जानकारी जाने का डर सबसे बड़ा होता है। इसी डर को दूर करते हुए बीकानेर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक (SP) कावेंद्र सिंह सागर के नेतृत्व में पुलिस ने 170 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

क्या है पूरा मामला?

बीकानेर जिले के अलग-अलग थानों में मोबाइल गुम होने की कई रिपोर्ट दर्ज थीं। आमजन की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने साइबर सेल और विशेष पुलिस टीमों को इन फोनों को ट्रेस करने का टास्क दिया था।

पुलिस ने पारंपरिक तरीकों के बजाय ‘टेक्निकल सर्विलांस’ (तकनीकी साक्ष्यों) का सहारा लिया। साइबर टीम ने आईएमईआई (IMEI) नंबर और लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए यह पता लगाया कि गुम हुए फोन कहां चल रहे हैं। जांच में पता चला कि इनमें से कई फोन बीकानेर से बाहर अन्य राज्यों में एक्टिव थे।

ऑपरेशन की बड़ी बातें:

  1. 40 लाख की रिकवरी: बरामद किए गए 170 स्मार्टफोन्स की अनुमानित बाजार कीमत करीब 40 लाख रुपये आंकी गई है।
  2. अंतर्राज्यीय कार्रवाई: पुलिस टीमों ने सिर्फ बीकानेर ही नहीं, बल्कि लोकेशन ट्रेस होने पर दूसरे राज्यों में जाकर भी फोनों को रिकवर किया।
  3. चेहरों पर मुस्कान: पुलिस अब इन मोबाइलों के असली मालिकों की पहचान (Verification) कर रही है। जल्द ही एक कार्यक्रम आयोजित कर या थानों के माध्यम से ये फोन उनके मालिकों को लौटाए जाएंगे।

एसपी का संदेश: “तकनीक पर भरोसा रखें”

एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने इस कार्रवाई को पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा, “इस कार्रवाई से यह साबित होता है कि अगर सही समय पर पुलिस को सूचना दी जाए, तो तकनीक की मदद से खोई हुई संपत्ति वापस मिल सकती है।”

पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पर भी जानकारी अपडेट करें, जिससे पुलिस को ट्रैकिंग में आसानी हो।