बीकानेर/चूरू | रेगिस्तानी धोरों में ऊंट उत्सव की रौनक के बीच मौसम ने तीखे तेवर दिखा दिए हैं। बीकानेर संभाग (Bikaner Division) इस समय कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे (Dense Fog) की चपेट में है। पहाड़ियों से आ रही बर्फीली हवाओं ने बीकानेर, चूरू, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर को ठिठुरा दिया है। हालात को देखते हुए मौसम विभाग (IMD) ने रेड अलर्ट जारी किया है और प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टियां बढ़ा दी हैं ।
चूरू में माइनस में जाने को तैयार पारा, बीकानेर में 2.8 डिग्री
शेखावाटी और बीकानेर संभाग में सर्दी का सितम सबसे ज्यादा है।
- चूरू: चूरू हमेशा की तरह सर्दी का हॉटस्पॉट बना हुआ है। यहाँ न्यूनतम तापमान 2.0°C दर्ज किया गया है और खुले इलाकों में ओस की बूंदें जमने (Frost) की खबरें हैं। मौसम विभाग ने यहाँ ‘गंभीर शीत लहर’ (Severe Cold Wave) की चेतावनी दी है ।
- बीकानेर: बीकानेर शहर में रात का तापमान लुढ़क कर 2.8°C पर आ गया है। सुबह और शाम के समय गलन इतनी तेज है कि अलाव ही एकमात्र सहारा बचे हैं ।
- श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़: नहरी क्षेत्र होने के कारण यहाँ ‘कोल्ड डे’ (Cold Day) जैसे हालात हैं। घना कोहरा छाया हुआ है जिससे विजिबिलिटी (दृश्यता) 50 मीटर से भी कम रह गई है। वाहनों को दिन में भी लाइटें जलाकर रेंगना पड़ रहा है ।
स्कूलों में छुट्टियां बढ़ीं, अब 17 जनवरी तक राहत?
भीषण सर्दी और कोहरे को देखते हुए जिला कलेक्टरों ने स्कूली बच्चों को बड़ी राहत दी है।
- बीकानेर और आसपास के जिलों में छोटी कक्षाओं (नर्सरी से 5वीं/8वीं तक) के लिए शीतकालीन अवकाश को आगे बढ़ा दिया गया है। ताज़ा आदेशों के मुताबिक, कई जगहों पर अब 17 जनवरी 2026 तक स्कूल बंद रहेंगे ।
- बड़ी कक्षाओं के लिए स्कूल का समय बदल दिया गया है, जो अब सुबह 10:30 या 11:00 बजे से शुरू होंगे । (नोट: अभिभावक अपने जिले के कलेक्टर के आधिकारिक आदेश की पुष्टि ज़रूर करें)
मौसम विभाग का अलर्ट: अभी नहीं मिलेगी राहत
जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार, अगले 48 से 72 घंटों तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
- रेड अलर्ट: चूरू और फतेहपुर शेखावाटी क्षेत्र के लिए।
- ऑरेंज अलर्ट: बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और नागौर के लिए। यहाँ पाला पड़ने (Ground Frost) की भी प्रबल संभावना है ।
किसानों के लिए सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने बीकानेर संभाग के किसानों को अलर्ट किया है। पाला पड़ने से सरसों, चना और सब्जियों की फसल को नुकसान हो सकता है।
- फसलों में हल्की सिंचाई करें ताकि तापमान बना रहे।
- रात के समय खेत की उत्तर-पश्चिम दिशा में धुआं करें।
- सल्फर का छिड़काव कृषि अधिकारी की सलाह पर करें।
