बीकानेर |राजस्थान के सीमावर्ती जिले बीकानेर में सर्दी अब जानलेवा होने लगी है। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने मरुधरा को ठिठुरा दिया है। बुधवार की रात बीकानेर में इस सीजन की सबसे ठंडी रातों में से एक रही, जहाँ न्यूनतम तापमान गिरकर 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आलम यह है कि दिन में सूरज की तपिश भी बेअसर साबित हो रही है।
धूप भी बेअसर, गलन ने बढ़ाई मुसीबत
बीकानेर में पिछले 24 घंटों से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ है। हालांकि दोपहर में आसमान साफ हो रहा है और धूप भी निकल रही है, लेकिन 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं (Cold Winds) ने गलन बढ़ा दी है। लोग दिन में भी गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेने को मजबूर हैं। शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।
शुक्रवार तक ‘येलो अलर्ट’, कोहरे का डबल अटैक
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बीकानेर संभाग में अगले 48 घंटे बेहद भारी रहने वाले हैं। विभाग ने शुक्रवार तक ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
- विजिबिलिटी: सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम रह सकती है।
- यातायात पर असर: बीकानेर-जयपुर और बीकानेर-गंगानगर हाईवे पर कोहरे के कारण वाहनों की रफ्तार थम गई है। लंबी दूरी की बसें और ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से देरी से चल रही हैं।
खेती और सेहत पर असर
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह कड़ाके की ठंड गेहूं, सरसों और चने की फसल के लिए ‘अमृत’ समान है, लेकिन यदि तापमान और गिरता है तो ‘पाले’ (Frost) का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, डॉक्टरों ने सर्दी के इस मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है। बीकानेर पीबीएम अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, अचानक बढ़ी ठंड से हृदय और श्वास रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है |
मुख्य बिंदु (Highlights for Social Media):
- न्यूनतम तापमान: 7.2°C
- अलर्ट: शुक्रवार तक घना कोहरा और शीतलहर।
- सावधानी: हाईवे पर वाहन चलाते समय रखें विशेष ध्यान।
