बीकानेर: साल के आखिरी दिन से शुरू हुई मावठ ने राजस्थान के कई जिलों में ठंड की लहर ला दी है। करौली, सीकर, अनूपगढ़ और आसपास के इलाकों में हुई हल्की लेकिन फायदेमंद बारिश ने जहां आम लोगों को गलन बढ़ा दी, वहीं किसानों के लिए यह वरदान साबित हो रही है। ठंडी हवाओं के साथ छाए बादल और धुंध ने जनजीवन को प्रभावित किया है, लेकिन रबी फसलों को नई जान फूंक दी है।
किसानों की चिंता मिटाई मावठ की बूंदें
दिसंबर में बढ़ते तापमान से परेशान किसान लंबे समय से मावठ का इंतजार कर रहे थे। गेहूं, सरसों, चना और जौ जैसी रबी फसलों को सूखे का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन 31 दिसंबर से बरसी बारिश ने खेतों में नमी भर दी। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, यह प्राकृतिक सिंचाई मानव-made इरिगेशन से कहीं बेहतर है। इससे फसलों की ग्रोथ तेज होगी और उत्पादन में 20-30% तक इजाफा हो सकता है। बीकानेर डिवीजन के किसान बोल रहे हैं, “यह बारिश हमारे लिए अमृत बरसाई है।”
तापमान में रिकॉर्ड गिरावट, अलर्ट जारी
बारिश के साथ तेज सर्द हवाओं ने प्रदेश को कंपकंपी से भर दिया। करौली में पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान 3-4 डिग्री लुढ़क गया, जबकि अनूपगढ़ में सुबह से धुंध और बादलों ने दिनभर ठंड बरकरार रखी। दृश्यता घटी और ट्रैफिक प्रभावित हुआ। मौसम विभाग ने करौली, सीकर समेत क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी कर भारी ठंड की चेतावनी दी है। लोगों को सलाह है- घर से तभी निकलें जब जरूरी हो, गर्म कपड़े पहनें और सतर्क रहें। आने वाले दिनों में पारा और नीचे जा सकता है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर है, जो जनवरी के पहले हफ्ते तक जारी रह सकता है। किसानों को फायदा तो होगा, लेकिन ठंड से फसलों की सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। thartoday.com आपको अपडेट्स देते रहेंगे।
