नागौर जिले के परबतसर विधानसभा क्षेत्र के पीह ग्राम पंचायत में सोमवार देर रात असामाजिक तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्किल पर स्थापित प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर दिया । मंगलवार सुबह जब ग्रामीणों ने प्रतिमा का सिर टूटा हुआ देखा तो पूरे इलाके में तीव्र आक्रोश फैल गया । यह घटना संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक सौहार्द पर सीधा हमला बताई जा रही है।
पुलिस जांच जारी, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही
घटना की सूचना मिलते ही पीलवा थाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया । पुलिस अधिकारी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुटे हैं। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने एसपी सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को दूरभाष पर निर्देशित करते हुए कहा कि असामाजिक तत्वों का पता लगाकर उनके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए ।
विपक्ष का तीखा हमला, कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने इस घटना को भाजपा सरकार में कानून-व्यवस्था की विफलता करार देते हुए कहा कि प्रदेश में लगातार महापुरुषों की प्रतिमाओं को खंडित किया जाना अत्यंत चिंताजनक है । उन्होंने कहा कि यह कृत्य न केवल सामाजिक मर्यादा का अपमान है बल्कि शांति और सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश भी है, जिसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता ।
स्थानीय विधायक और युवा संगठनों की मांग
परबतसर के विधायक रामनिवास गावड़िया ने कहा कि ऐसे कृत्य समाज की मर्यादा को ठेस पहुंचाते हैं और सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करते हैं । उन्होंने प्रशासन से चर्चा कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई और शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। युवा रेगर विकास समिति के अध्यक्ष ने प्रशासन से 24 घंटे के भीतर प्रतिमा की पुनर्स्थापना और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर संपूर्ण जाति-धर्म के महानायक थे, किसी एक समाज के नहीं ।
सामाजिक संगठनों में आक्रोश
घटना के बाद स्थानीय समाज के लोगों ने ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एकत्रित होकर ज्ञापन सौंपा और तत्काल न्याय की मांग की । राजस्थान युवा कांग्रेस और अन्य राजनीतिक संगठनों ने भी इस घटना की तीखी निंदा करते हुए इसे संविधान की आत्मा पर सीधा हमला बताया है । प्रशासन ने ग्रामीणों को शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
